अहमदाबाद। गुजरात की ऐतिहासिक 149वीं भगवान जगन्नाथ रथयात्रा गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के बीच भव्य रूप से निकाली गई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के सुसज्जित रथों के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु सुबह से ही मार्गों पर उमड़ पड़े। पूरे शहर में “जय जगन्नाथ” के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा। पारंपरिक वैदिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुई इस रथयात्रा में धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर राष्ट्रीय हिंदी दैनिक नमस्ते एक्सप्रेस की मैनेजिंग डायरेक्टर एवं पर्यावरण प्रेमी आस्था पराते कारिया ने भी रथयात्रा में सहभागिता कर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति तथा हरित एवं स्वच्छ भविष्य की कामना की। उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज को एकता, सेवा, सद्भाव और प्रकृति संरक्षण का संदेश भी देते हैं।
आस्था पराते कारिया ने लोगों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण प्रदान किया जा सकता है।
रथयात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए सेवा शिविर, पेयजल, प्रसाद वितरण और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की गई। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भगवान जगन्नाथ के रथ का स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में रथयात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने इसे आस्था, सेवा और सामाजिक एकता का अनुपम उत्सव बताते हुए भगवान जगन्नाथ से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल की कामना की।







