जोधपुर। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति (ABPSS) की जोधपुर इकाई ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं राजस्थान के राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर फर्जी पत्रकारों पर सख्त कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए अलग कानून बनाने की मांग की।
समिति ने ज्ञापन में कहा कि डिजिटल मीडिया के तेजी से विस्तार के साथ बिना आवश्यक योग्यता, प्रशिक्षण और जवाबदेही के कई लोग स्वयं को पत्रकार बताकर पत्रकारिता की साख को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आरोप लगाया गया कि ऐसे लोग वाहनों पर ‘प्रेस’ लिखकर घूमते हैं और पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली तथा अनावश्यक दबाव बनाने जैसी गतिविधियों में लिप्त होकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहे हैं।
समिति ने हाल ही में गैर-जिम्मेदाराना रिपोर्टिंग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा व्यक्त चिंता का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारिता एक जिम्मेदारीपूर्ण पेशा है, इसलिए इस क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और न्यूनतम मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई कि जिला स्तर पर पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त स्क्रीनिंग कमेटी गठित की जाए, जो फर्जी पत्रकारों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। साथ ही पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग या अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
समिति ने यह भी मांग रखी कि डिजिटल मीडिया के संचालन और पत्रकारों की पहचान को लेकर स्पष्ट नियमावली बनाई जाए, ताकि वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों की अलग पहचान सुनिश्चित हो सके तथा फर्जी तत्वों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
इसके अलावा, जनहित के मुद्दों को उजागर करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ जल्द लागू करने की मांग दोहराई गई। समिति का कहना था कि कई पत्रकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय धमकियों, हमलों और विभिन्न प्रकार के दबाव का सामना करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए विशेष कानून समय की आवश्यकता है।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव शेख रईस अहमद, जिलाध्यक्ष सूर्याश मुथा, जिला सचिव रफीक मोहम्मद एवं प्रवक्ता मोहम्मद आशिक ने किया। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेते हुए पत्रकारिता की गरिमा और वास्तविक पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।









