पाली (मनीष राठौड़)। जेतपुर थाना क्षेत्र के सियाणा गांव में शुक्रवार दोपहर पुरानी रंजिश के चलते जमीन पर तारबंदी को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। विवाद के दौरान फायरिंग में वीरेंद्रसिंह (52) पुत्र अभयसिंह के सीने में गोली लग गई। गंभीर हालत में उन्हें पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना में दोनों पक्षों के पिता-पुत्र समेत कुल सात लोग घायल हुए हैं।
घटना के बाद मृतक का शव बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारियों की ओर से परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, गांव में तनाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।
तारबंदी करने पहुंचे थे मजदूर
सीओ अमरसिंह रत्नू के अनुसार दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और उनके बीच लंबे समय से पुरानी रंजिश चली आ रही है। शुक्रवार को एक पक्ष अपनी जमीन पर मजदूरों के साथ तारबंदी करने पहुंचा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोगों के आने के बाद विवाद शुरू हो गया।
मृतक के चचेरे भाई सूरजभान सिंह ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोग ट्रैक्टर लेकर मौके पर पहुंचे और उनके ट्रैक्टर को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद कुल्हाड़ी से हमला कर रतिदेवसिंह को घायल करने का आरोप है। परिजनों के मुताबिक, कुछ देर बाद कुछ लोग बंदूक लेकर मौके पर पहुंचे और फायरिंग कर दी।
सीने में लगी गोली, अस्पताल में मौत
फायरिंग के दौरान वीरेंद्रसिंह के सीने में गोली लगी। उन्हें गंभीर हालत में बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं भगाराम के भी बंदूक के छर्रे लगने की जानकारी सामने आई है।
परिजनों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले भी विवाद और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका दावा है कि पूर्व की घटनाओं को लेकर पुलिस में शिकायतें और मुकदमे भी दर्ज हैं।
परिजनों ने पुलिस पर लगाए आरोप
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि विवाद से पहले उन्होंने जेतपुर थानाधिकारी को फोन कर घटना की आशंका के बारे में सूचना दी थी। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते मौके पर पहुंच जाती तो घटना को रोका जा सकता था। उनके अनुसार पुलिस के पहुंचने से पहले ही फायरिंग हो गई और वीरेंद्रसिंह की जान चली गई।
वीरेंद्रसिंह के छोटे भाई महेंद्र सिंह ने नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। परिजनों ने आरोपियों के मकान गिराने की मांग भी रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव मॉर्च्युरी से नहीं उठाया जाएगा।
80 वर्षीय बुजुर्ग समेत सात घायल
सीओ अमरसिंह रत्नू के अनुसार संघर्ष में शैतानसिंह (80), उसके बेटे रतिदेवसिंह (46), सूरजभानसिंह, मरडिया गांव निवासी भरत उर्फ भगाराम (25), लक्षिता कंवर सहित अन्य लोग घायल हुए हैं। रतिदेवसिंह और भगाराम का बांगड़ अस्पताल में उपचार जारी है।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम और फायरिंग में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

