पंच गौरव मिशन के तहत किसानों को वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती की तकनीकों की दी जानकारी
आबूरोड। माधव विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर में राजस्थान सरकार के पंच गौरव मिशन के तहत सौंफ की उन्नतशील खेती को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पिंडवाड़ा क्षेत्र के 50 से अधिक किसानों ने भाग लेकर सौंफ की खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को सौंफ की वैज्ञानिक खेती, प्राकृतिक खेती के तरीकों, बेहतर उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकों तथा फसल प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। किसानों को बताया गया कि उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर सौंफ की उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
अधिकारियों ने किसानों को सौंफ की उन्नत किस्मों, उचित कृषि प्रबंधन और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत खेती की तकनीकों का इस्तेमाल कर किसान उत्पादन लागत को नियंत्रित करने के साथ अपनी आय में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर माधव विश्वविद्यालय की प्रो. चेयरपर्सन डॉ. भारती देसाई और रजिस्ट्रार डॉ. भावेश कुमावत सहित कृषि विभाग के अधिकारी, विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि एवं किसान मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में किसानों का माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। किसानों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से उन्हें खेती में नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और बेहतर उत्पादन के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त होता है।
विश्वविद्यालय की ओर से कहा गया कि किसानों को कृषि विज्ञान से जोड़ने और आधुनिक खेती की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।






