गुजरात में 635 करोड़ रुपए का घोटाला:इनवेस्टमेंट के लिए बनाया गया एसडी पे ऐप, करीब 15 लाख लोगों से ठगी

गुजरात के अमरेली साइबर क्राइम पने मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए चल रहे करोड़ों रुपए के निवेश घोटाले का भंडाफोड़ किया है। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच टीम ने बताया कि आरोपियों ने ‘एसडी पे’और ‘अपना पे’ नाम के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए देशभर में 15 लाख से 25 लाख लोगों को निशाना बनाया। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए डेली कैशबैक और 30% रेफरल बोनस का लालच देकर लोगों को फंसाया गया। अधिकारियों द्वारा की गई वित्तीय जांच में लगभग 634 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।
0.15% तक का डेली रिटर्न देने का लालच लोगों को फंसाने के लिए इस ठगी वाली योजना का डिजिटल चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर बड़े पैमाने पर प्रचार किया गया, ताकि खुदरा निवेशकों को जमा राशि के आधार पर गारंटीकृत दैनिक भुगतान का वादा करके लुभाया जा सके। जांचकर्ताओं के अनुसार, ₹1,000 से ₹25,000 तक जमा करने वाले प्रतिभागियों को 0.15% का दैनिक रिटर्न देने का वादा किया गया था, जबकि ₹25,000 से ₹1 लाख तक की जमा राशि पर 0.20% प्रति दिन का रिटर्न दिया गया था। ₹1 लाख से ₹5 लाख के बीच के उच्च निवेशों के लिए, योजना ने 0.25% दैनिक रिटर्न का वादा किया, जो ₹5 लाख से अधिक की राशि के लिए बढ़कर 0.30% प्रति दिन हो गया। 15 कॉर्पोरेट खातों में करीब ₹634 करोड़ जमा किए गए जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि निवेशकों की जमा राशि को व्यवस्थित रूप से किसी एक खाते से निकालकर दूसरे स्थानों पर भेजा जा रहा था ताकि लेन-देन का रिकॉर्ड न मिटाया जा सके। आरोपियों ने कथित तौर पर एसडी हब (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड, शिव धरती कम्युनिकेशन और उपाय डिजी पेमेंट इंडिया सहित कई व्यावसायिक संस्थाएं स्थापित या संचालित कीं, जिससे ठगी की रकम जमा कर उसे दूसरे अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा सके। रिकॉर्ड से पता चलता है कि इन कंपनियों से सीधे जुड़े 15 कॉर्पोरेट खातों में लगभग ₹634 करोड़ जमा किए गए थे। जांच टीम ने आरोपियों से जुड़े 30 से 35 निजी बैंक खातों को भी चिह्नित किया है। इन खातों की फोरेंसिक जांच चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धनराशि को कई खातों में कैसे ट्रांसफर किया गया। छह आरोपियों के नाम… अमरेली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, गुजरात जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। ——————– ये खबर भी पढ़ें… कानपुर में 225 करोड़ की ठगी करने वाले 6आरोपी अरेस्ट:3 गांवों में 450 म्यूल खाते खुलवाएं शिवराजपुर पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने ठगी का नेटवर्क चला रहे 6 ठगो को अरेस्ट किया है। आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में बैठे ठगों को म्यूल अकाउंट मुहैया कराते थे। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करा कर आई रकम को पर्सन टू पर्सन ट्रेडिंग के जरिए इंडिनय करंसी में अन्य खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिससे मनीट्रेल टूट सके। पूरी खबर पढ़ें…

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