नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नया ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) सब्सिडी पोर्टल लॉन्च कर दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और पात्र पाए जाने पर उन्हें 60 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाएगी। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, तेज और सुविधाजनक होगी।
नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को वाहन खरीदने के 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की जांच पूरी होने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सब्सिडी जारी की जाएगी। इससे पहले कई लोगों को आवेदन प्रक्रिया और भुगतान में देरी की शिकायत रहती थी, जिसे दूर करने के लिए यह डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाना आवश्यक है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ईवी नीति के तहत बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है। इस अभियान के लिए लगभग 7,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, सब्सिडी और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
ऑटोमोबाइल बाजार में भी इस घोषणा का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। कई इलेक्ट्रिक वाहन डीलरों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहकों की पूछताछ बढ़ गई है। लोग इलेक्ट्रिक कार, स्कूटर और बाइक की कीमत, बैटरी वारंटी, चार्जिंग समय, ड्राइविंग रेंज और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में जानकारी ले रहे हैं। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सब्सिडी समय पर मिलती रही तो इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में आने वाले महीनों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
हालांकि, कुछ परिवहन और टैक्सी संगठनों ने सरकार से चार्जिंग नेटवर्क को और मजबूत करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े स्तर पर अपनाने से पहले राजधानी में पर्याप्त फास्ट चार्जिंग स्टेशन और सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके अलावा छोटे व्यापारियों और व्यावसायिक वाहन मालिकों के लिए आसान वित्तीय सहायता और कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार समयबद्ध तरीके से चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करती है और सब्सिडी वितरण को प्रभावी बनाए रखती है, तो दिल्ली देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का अग्रणी मॉडल बन सकती है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा बल्कि ईंधन पर होने वाला खर्च भी घटेगा और स्वच्छ एवं टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।









