2026 के फिजिक्स नोबेल का ऐलान आज:मेटामटेरियल्स, ग्राफीन और क्वांटम तकनीक के वैज्ञानिक दावेदार; 11.5 करोड़ रुपए मिलेंगे

2026 के फिजिक्स नोबेल पुरस्कार की घोषणा आज होगी। स्वीडन की रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज भौतिकी में अहम काम करने वाले वैज्ञानिकों के नाम बताएगी। यह पुरस्कार ऐसी खोज के लिए दिया जाता है, जिसने फिजिक्स को समझने या विज्ञान-तकनीक को आगे बढ़ाने में बड़ी मदद की हो। इस साल मेटामटेरियल्स, ग्राफीन और क्वांटम तकनीक पर काम करने वाले वैज्ञानिक चर्चा में हैं। इनमें जॉन पेंड्री, निकॉला स्पैल्डिन, पाब्लो जारिलो-हरेरो और अलेक्सी किताएव जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, नोबेल कमेटी ने संभावित विजेताओं की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। नोबेल विजेताओं को दिसंबर में स्वीडन के स्टॉकहोम में सम्मानित किया जाएगा। उन्हें मेडल, डिप्लोमा और पुरस्कार राशि मिलेगी। 2026 में नोबेल पुरस्कार की राशि करीब 11.5 करोड़ रुपए है। एक से ज्यादा वैज्ञानिकों को पुरस्कार मिलने पर रकम उनके बीच बांटी जाएगी। फिजिक्स नोबेल के लिए 4 क्षेत्रों के वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में इस साल फिजिक्स नोबेल के लिए चार अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में हैं। इनमें मेटामटेरियल्स, ग्राफीन, क्वांटम कंप्यूटिंग और बेहद सटीक घड़ियों पर काम करने वाले वैज्ञानिक शामिल हैं। 1. मेटामटेरियल्स के लिए जॉन पेंड्री जॉन पेंड्री ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन के भौतिक विज्ञानी हैं। उनका नाम मेटामटेरियल्स पर काम के लिए चर्चा में है। ये ऐसी कृत्रिम सामग्री होती हैं, जिन्हें खास गुणों के साथ बनाया जाता है। पेंड्री के काम से रोशनी को मोड़ने और नियंत्रित करने की तकनीक को समझने में मदद मिली। इससे ऐसी तकनीक की संभावना सामने आई, जिसमें किसी वस्तु को छिपाने जैसा प्रभाव पैदा किया जा सकता है। इस क्षेत्र में डेविड स्मिथ और फेडेरिको कैपासो के नाम भी चर्चा में हैं। 2.ग्राफीन की परतें घुमाने की तकनीक के लिए तीन नाम की चर्चा पाब्लो जारिलो-हरेरो, एलन मैकडोनाल्ड और ईवा अंद्रेई का नाम ट्विस्ट्रोनिक्स पर काम के लिए चर्चा में है। इसमें ग्राफीन जैसी बेहद पतली सामग्री की दो परतों को थोड़ा घुमाया जाता है। इससे सामग्री के गुण बदल सकते हैं। कुछ स्थितियों में इसमें सुपरकंडक्टिविटी जैसे गुण भी दिखाई दे सकते हैं। इन तीनों को 2026 का कावली नैनोसाइंस पुरस्कार भी मिला है। 3. क्वांटम कंप्यूटिंग के काम के लिए तीन वैज्ञानिक चर्चा में अलेक्सी किताएव, जॉन प्रेस्किल और पीटर शोर के नाम क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े काम के लिए चर्चा में हैं। क्वांटम कंप्यूटर बहुत संवेदनशील होते हैं। छोटी-सी गड़बड़ी भी उनके नतीजे को बदल सकती है। इन वैज्ञानिकों के काम ने क्वांटम जानकारी को गलतियों से बचाने और ज्यादा भरोसेमंद क्वांटम कंप्यूटर बनाने के तरीकों को समझने में मदद की। 4. बेहद सटीक घड़ियों की तकनीक पर काम करने वाले दो वैज्ञानिक हिदेतोशी कातोरी और जून ये का नाम ऑप्टिकल लैटिस क्लॉक पर काम के लिए चर्चा में है। ये ऐसी घड़ियां हैं, जो समय को बेहद सटीक तरीके से माप सकती हैं। इनमें परमाणुओं और लेजर की मदद ली जाती है। इनका इस्तेमाल वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ GPS और कम्युनिकेशन जैसी तकनीकों में भी हो सकता है। 2025 में इलेक्ट्रिक सर्किट से जुड़ी क्वांटम खोज के लिए मिला नोबेल 2025 का फिजिक्स नोबेल जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को दिया गया था। उन्हें ऐसी खोज के लिए सम्मानित किया गया, जिसमें क्वांटम दुनिया के नियमों को इलेक्ट्रिक सर्किट में देखा गया। वैज्ञानिकों ने दिखाया कि क्वांटम दुनिया में होने वाली घटनाएं सिर्फ बेहद छोटी चीजों में ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक सर्किट में भी देखी जा सकती हैं। इस खोज से क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नई तकनीकों को समझने और आगे बढ़ाने में मदद मिली। —————————— ये खबर भी पढ़ें… दिमागी कोशिकाओं को कंट्रोल करने की तकनीक पर मेडिसिन नोबेल:जर्मनी-अमेरिका के 3 वैज्ञानिकों की रिसर्च; डिप्रेशन और मानसिक बीमारियों को समझना आसान हुआ 2026 का मेडिसिन नोबेल जर्मनी के पीटर हेगेमैन और जॉर्ज नागेल और अमेरिका के कार्ल डाइसेरोथ को दिया गया है। इन वैज्ञानिकों ने ऑप्टोजेनेटिक्स नाम की ऐसी तकनीक विकसित करने में मदद की, जिससे रोशनी की मदद से दिमाग की अलग-अलग तंत्रिका कोशिकाओं को नियंत्रित करके उनके काम को समझा जा सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

  • SHEIKH RAIS AHMED

    शेख रईस अहमद हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार एवं संपादक हैं। वे Namaste Express के संपादक के रूप में राष्ट्रीय, स्थानीय, सामाजिक, राजनीतिक एवं जनहित से जुड़े समाचारों के संकलन, संपादन और प्रकाशन का कार्य करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तथ्यपरक, विश्वसनीय और महत्वपूर्ण समाचार सरल एवं प्रभावी भाषा में पहुंचाना है।

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